दहेज उत्पीड़न से तंग महिला चढ़ी मोबाइल टावर पर, गले में बांधा फंदा
- Babli Ansari
- 11 Aug, 2026
पीलीभीत। बीसलपुर नगर में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब दहेज उत्पीड़न से परेशान एक विवाहिता मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला ने टावर पर पहुंचकर गले में दुपट्टा बांध लिया और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। मौके पर कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को हालात संभालने के लिए दौड़ना पड़ा। जानकारी के मुताबिक महिला का आरोप है कि ससुराल पक्ष उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा है और दहेज में दिए गए सामान, जेवर और वाहन तक वापस नहीं किए जा रहे। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
टावर पर चढ़ते ही मच गई अफरातफरी
सूत्रों के अनुसार, महिला सुबह करीब दस बजे बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद इलाके में, गोपी टॉकीज के पीछे और मेनका गांधी गर्ल्स इंटर कॉलेज के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। जैसे ही लोगों ने उसे ऊपर देखा, मौके पर अफरातफरी फैल गई। आसपास के लोग लगातार उसे नीचे उतरने की अपील करते रहे, लेकिन महिला अपनी मांगों पर अड़ी रही। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इलाके को घेर लिया और ऊंचाई पर पहुंची महिला से बातचीत शुरू कराई। प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंची, ताकि किसी तरह की अनहोनी रोकी जा सके। स्थानीय लोगों के मुताबिक महिला की पहचान मनीषा के रूप में हुई है, जो दियोरिया खुर्द निवासी धर्मेंद्र की पत्नी बताई जा रही है।
दहेज विवाद और पुरानी शिकायतें भी सामने आईं
जानकारी के मुताबिक यह मामला सिर्फ घरेलू कलह तक सीमित नहीं है। महिला की ओर से ससुराल पक्ष पर लंबे समय से उत्पीड़न के आरोप लगाए जा रहे हैं और दहेज विवाद को लेकर पहले से मुकदमा दर्ज होने की बात भी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि महिला ने साफ कहा कि वह पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन शादी में दिया गया इको वाहन, जेवर और जरूरी दस्तावेज उसे वापस दिलाए जाएं। यही वजह है कि मामला पुलिस और प्रशासन के लिए संवेदनशील बन गया। अमूमन ऐसे मामलों में परिवारिक विवाद जमीन पर बातचीत से सुलझ जाते हैं, लेकिन इस बार महिला ने विरोध का बेहद खतरनाक तरीका चुना, जिससे कानून-व्यवस्था के साथ उसकी सुरक्षा भी बड़ा सवाल बन गई।
पुलिस ने समझाने की कोशिश तेज की, गांव-मोहल्ले में चर्चा
घटना के बाद पुलिस ने महिला के ससुराल पक्ष के लोगों को भी मौके पर बुलाया और दोनों पक्षों से बातचीत शुरू कराई। अफसरों की कोशिश थी कि महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जाए और उसके आरोपों की जांच के साथ कोई व्यावहारिक रास्ता निकाला जाए। फिलहाल पूरा फोकस यही रहा कि टावर पर चढ़ी महिला किसी तरह का आत्मघाती कदम न उठाए। इस घटना ने बीसलपुर में महिलाओं की सुरक्षा, दहेज प्रताड़ना और पुलिस कार्रवाई की संवेदनशीलता को फिर चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शिकायतों पर समय रहते ठोस कार्रवाई होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। अब प्रशासन के सामने महिला को सुरक्षित उतारने के साथ पूरे विवाद का कानूनी और सामाजिक हल निकालने की चुनौती है।
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