राम मंदिर दान गिनती में बड़ा बदलाव, अब बिना जेब की यूनिफॉर्म और 180 दिन CCTV निगरानी
- Babli Ansari
- 13 Aug, 2026
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती और नकदी प्रबंधन को लेकर ट्रस्ट ने सुरक्षा का ढांचा और सख्त कर दिया है। जानकारी के मुताबिक अब दान गिनने वाले कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में जेब नहीं होगी, ताकि किसी भी तरह की नकदी या सामग्री को गिनती केंद्र से बाहर ले जाने की गुंजाइश खत्म की जा सके। प्रवेश और निकास दोनों जगह सख्त फ्रिस्किंग शुरू कर दी गई है और निगरानी व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा कसा गया है। सूत्रों के अनुसार यह फैसला मंदिर में बढ़ती भीड़ और करोड़ों रुपये के दान को देखते हुए लिया गया है, ताकि हर लेन-देन पर साफ-सुथरी नजर रखी जा सके।
गिनती केंद्र में निगरानी की नई दीवार
ट्रस्ट ने दान कक्ष की CCTV व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां रिकॉर्डिंग 45 दिन तक सुरक्षित रखी जाती थी, अब उसे बढ़ाकर 180 दिन यानी छह महीने कर दिया गया है। खबरों के मुताबिक पुराने स्थिर कैमरों की जगह PTZ यानी पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को करीब से देखा जा सकेगा। यह कदम ऐसे वक्त आया है जब मंदिर प्रशासन पर निगरानी और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत हर कर्मचारी की हरकत, नोटों की गिनती और पैकिंग की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड में रहेगी, ताकि बाद में किसी तरह की जांच हो तो सबूत हाथ में हों।
नकदी ट्रांसफर की प्रक्रिया भी बदली
सबसे अहम बदलाव नोटों को मंदिर परिसर से बैंक तक ले जाने के तरीके में किया गया है। अब गिनती केंद्र के भीतर ही नोटों के बंडल एक साथ सुरक्षित सील किए जाएंगे और फिर उन्हें मंदिर परिसर के अंदर ही SBI की वाहन में लोड किया जाएगा। इससे बीच रास्ते किसी तरह की छेड़छाड़ या रकम के गायब होने की आशंका कम करने की कोशिश की गई है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट ने एसबीआई को भी सलाह दी है कि दान गिनती के काम में संविदा कर्मियों की भूमिका पर दोबारा विचार किया जाए। हाल के दिनों में इस पूरी व्यवस्था पर जो सवाल उठे थे, उसके बाद ट्रस्ट अब हर स्तर पर जवाबदेही दिखाना चाहता है।
आरोपों के बाद ट्रस्ट की सख्ती
राम मंदिर के दान को लेकर पिछले कुछ समय से प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उंगलियां उठती रही हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में CCTV मॉनिटरिंग, फ्रिस्किंग, एंट्री प्रोटोकॉल और कैश हैंडलिंग को लेकर खामियों की बात सामने आई थी। इसी पृष्ठभूमि में ट्रस्ट ने यह नया सुरक्षा मॉडल तैयार किया है। सूत्रों के अनुसार गिनती केंद्र में सुपरविजन भी बढ़ाया जा रहा है और हर चरण पर निगरानी रखने की व्यवस्था बनाई जा रही है। अयोध्या में रोज उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ और मंदिर को मिलने वाले भारी दान को देखते हुए ट्रस्ट अब साफ संदेश देना चाहता है कि रकम की गिनती से लेकर बैंक तक पहुंचने तक कोई ढिलाई नहीं होगी।
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