सीएम योगी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, बोले-माफियाओं पर कार्रवाई जारी रखें, गो-तस्करी और धर्मांतरण पर 24 घंटे अलर्ट रहें

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए माफियाओं पर कार्रवाई जारी रखने और गो-तस्करी, धर्मांतरण पर 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। पुराने राजस्व मामलों और जनशिकायतों के निस्तारण पर सख्ती दिखाई। जन्माष्टमी, गणेश विसर्जन और अपराध नियंत्रण को लेकर भी अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए।

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों के निस्तारण और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को माफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं को लेकर 24 घंटे सतर्क रहने को कहा। सीएम ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही अपराध की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और जरूरत के मुताबिक तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी गंभीरता के साथ काम करने को कहा।

पुराने राजस्व मामलों में ‘तारीख पर तारीख’ खत्म करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निस्तारण की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर खत्म करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामलों को लगातार अगली तारीख पर टालने की प्रवृत्ति अब खत्म होनी चाहिए। खासतौर पर पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और हर स्तर पर यह देखा जाए कि किन मामलों का निस्तारण क्यों नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने प्रकरणों की संख्या कम करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। शासन स्तर से भी ऐसे मामलों की प्रगति पर नजर रखी जाएगी।

जनशिकायतों का गलत निस्तारण हुआ तो पांच दिन में देना होगा जवाब

जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल कागजों पर शिकायत बंद करना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी निस्तारण का महत्वपूर्ण आधार माना जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी शिकायत का गलत तरीके से निस्तारण पाया जाता है तो संबंधित जिले को पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा। जिन मामलों में शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं है, उनका दोबारा परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी न हो। उनका कहना था कि प्रशासन की कार्यप्रणाली का सीधा असर आम लोगों के भरोसे पर पड़ता है।

जन्माष्टमी और गणेश विसर्जन को लेकर पहले से सुरक्षा प्लान बनाने पर जोर

आगामी जन्माष्टमी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन के लिए विशेष क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अलग कार्ययोजना बनाने को कहा गया। वृंदावन में नया पुलिस सर्किल बनाने और मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तारों, उफनती नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया। संवेदनशील विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1% और महिला अपराधों में 3.9% की कमी दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री ने जोन और रेंज स्तर पर हर सप्ताह क्राइम एनालिसिस करने को कहा।

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