कानपुर की सड़कें बनीं ‘पाताल लोक’ का द्वार! गड्ढे देखने पहुंचे यमराज
- Babli Ansari
- 31 Aug, 2026
कानपुर। शहर की टूटी-फूटी सड़कों और जानलेवा गड्ढों को लेकर लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। बर्रा की 80 फीट रोड पर रविवार को ऐसा नजारा दिखा, जिसने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया। युवाओं ने सड़क की बदहाली के खिलाफ यमराज का रूप धारण कर प्रदर्शन किया और इस मार्ग को प्रतीकात्मक तौर पर ‘यमलोक द्वार’ बता दिया। हाथ में बैनर, सड़क किनारे नारे और बीच रास्ते खड़े होकर विरोध—सब कुछ उस नाराजगी का इजहार था, जो महीनों से जमी हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से सड़क और खतरनाक हो गई है, जबकि जिम्मेदार महकमे अब तक सिर्फ आश्वासन देते रहे हैं।
बर्रा की सड़क पर गुस्से का प्रतीकात्मक प्रदर्शन
बर्रा की 80 फीट रोड पर हुए प्रदर्शन में एक युवक यमराज बनकर पहुंचा और सड़क पर बने गहरे गड्ढों को लेकर नगर निगम पर निशाना साधा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह सड़क अब आवागमन के लिए नहीं, बल्कि हादसों के लिए पहचान बनाई बैठी है। उनके मुताबिक कई जगह इतने बड़े गड्ढे हैं कि दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं और चारपहिया वाहन भी झटके खाने को मजबूर हैं। प्रदर्शन के दौरान लगे बैनर और नारों ने लोगों की नाराजगी को और तेज कर दिया। युवाओं ने साफ कहा कि सड़क की हालत सुधारने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी कागजी कार्रवाई में उलझे हैं, जबकि जमीनी हकीकत हर दिन सड़क पर चोटिल हो रहे लोगों के रूप में सामने आ रही है।
किदवई नगर से लेकर नौबस्ता तक एक जैसी परेशानी
शहर के दूसरे हिस्सों में भी हालात अलग नहीं हैं। किदवई नगर में व्यापारियों ने गड्ढों में उतरकर विरोध जताया और जल्द मरम्मत की मांग की। व्यापारिक संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बाद भी निर्माण और सुधार का काम आगे नहीं बढ़ा। इससे पहले रविवार को ही वहां के व्यापारियों ने टूटी सड़कों को लेकर प्रदर्शन किया था, जबकि बर्रा बाईपास से नौबस्ता मंडी तक करीब पांच किलोमीटर लंबे मार्ग की हालत भी बेहद खराब बताई जा रही है। बारिश के बाद कई जगह पानी भर जाने से सड़कें और जोखिम भरी हो गई हैं। स्थानीय लोग इसे रोजमर्रा की मुसीबत बता रहे हैं, जहां स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज और दफ्तर जाने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
जनता पर बढ़ता दबाव, अब कार्रवाई की मांग तेज
लगातार सामने आ रहे प्रदर्शनों ने नगर निगम और निर्माण एजेंसियों पर दबाव बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि सड़कें केवल टूटी नहीं हैं, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी को भी बाधित कर रही हैं। बर्रा और किदवई नगर में प्रदर्शन करने वालों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मरम्मत शुरू नहीं हुई तो विरोध और तेज किया जाएगा। व्यापारियों ने साफ कहा कि हादसे होने के बाद जागने से बेहतर है कि प्रशासन अभी सड़कों को दुरुस्त करे। दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों की उम्मीद अब इसी पर टिकी है कि नगर निगम और संबंधित विभाग मौके पर उतरकर हालात देखें, ताकि कानपुर की इन सड़कों को यमलोक के रास्ते की बजाय सामान्य यातायात लायक बनाया जा सके।
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