लखनऊ से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक निकली पुलिस की 3000 किमी नशा विरोधी रैली

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लखनऊ से शुरू हुई राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश लेकर करीब 3000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। पुलिसकर्मी रास्ते में स्कूलों और आम लोगों को नशे के दुष्परिणामों से बचने का संकल्प दिलाएंगे।

लखनऊ। नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को राजधानी से राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली रवाना की। करीब 3000 किलोमीटर लंबी यह यात्रा गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक जाएगी। पुलिस मुख्यालय से शुरू हुए अभियान का मकसद युवाओं को नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे से आगाह करना और नशामुक्त भारत के संकल्प को जनभागीदारी से मजबूत करना है। रैली में पुलिसकर्मी बाइक के साथ अलग-अलग पड़ावों पर पहुंचेंगे और लोगों से संवाद करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक रास्ते में स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और स्थानीय पुलिस इकाइयों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम होंगे। अभियान को राष्ट्रीय एकता दिवस से भी जोड़ा गया है, ताकि नशे के खिलाफ संदेश देशभर तक पहुंच सके।


लखनऊ से गुजरात तक पुलिस का संदेश

गोमती नगर विस्तार स्थित पुलिस मुख्यालय से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा का निर्धारित मार्ग आगरा, दिल्ली और जयपुर से होकर गुजरात के केवड़िया तक बताया गया है। अधिकारियों ने रैली में शामिल जवानों को सुरक्षित यात्रा, अनुशासन और निर्धारित कार्यक्रमों के पालन के निर्देश दिए हैं। रास्ते में पड़ने वाले जिलों की पुलिस टीमों को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से कराया जा सके। जानकारी के मुताबिक रैली में शामिल पुलिसकर्मी लोगों को नशे के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले असर के बारे में बताएंगे। सड़क पर चलने वाला यह अभियान महज बाइक यात्रा नहीं, बल्कि पुलिस और समाज के बीच सीधा संवाद कायम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।


पूर्वी राज्यों से भी जुड़ी टीमें

राष्ट्रीय स्तर के इस अभियान में उत्तर प्रदेश के साथ कई अन्य राज्यों के पुलिसकर्मी भी भाग ले रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड से जुड़े 38 पुलिसकर्मी 22 मोटरसाइकिलों पर जागरूकता संदेश लेकर आगे बढ़ रहे हैं। दूसरे मार्गों से चल रही टीमों ने भी स्कूलों और स्थानीय समुदायों के बीच नशे से दूर रहने की अपील की है। कुछ स्थानों पर नुक्कड़ नाटक और विद्यार्थियों के साथ संवाद के जरिए नशे के दुष्परिणाम समझाए जा रहे हैं। पुलिस का जोर युवाओं पर है, क्योंकि नशीले पदार्थों की लत का सबसे गंभीर असर इसी आयु वर्ग पर पड़ता है। अधिकारियों का कहना है कि तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ रोकथाम और जागरूकता भी जरूरी है। इसी सोच के तहत रैली को व्यापक अभियान का रूप दिया गया है।


स्कूलों में पहुंचकर दिलाया जाएगा संकल्प

रैली के पड़ावों पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से जनसभाएं तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चंडीगढ़ समेत कई शहरों में विद्यार्थियों को नशे की लत से होने वाले नुकसान, स्वस्थ जीवनशैली और समय रहते मदद लेने की जानकारी दी जा रही है। पुलिसकर्मी लोगों से अपील कर रहे हैं कि नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें। लखनऊ पुलिस ने संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी सूचनाओं के लिए व्हाट्सऐप हेल्पलाइन भी जारी की है। सूत्रों के अनुसार यात्रा पूरी होने के बाद अभियान से जुड़े अनुभवों और स्थानीय स्तर पर मिले फीडबैक के आधार पर आगे की जागरूकता योजनाएं तैयार की जाएंगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंचने वाली यह रैली नशे के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देगी।

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