कॉफी की चुस्की से कहीं हड्डियां तो नहीं हो रहीं कमजोर? रोज पीने वालों के लिए जानना जरूरी है ये बातें

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नए अध्ययन में रोजाना पांच कप से ज्यादा कॉफी पीने वाली बुजुर्ग महिलाओं में हड्डियों का खनिज घनत्व कम पाया गया। वहीं, नियमित चाय पीने वाली महिलाओं में कूल्हे की हड्डियों का घनत्व थोड़ा बेहतर देखा गया।

दिन की शुरुआत कॉफी से करने वालों के लिए एक नए अध्ययन में सावधान करने वाली बात सामने आई है। खासकर उम्रदराज महिलाओं में रोजाना ज्यादा मात्रा में कॉफी पीने और हड्डियों के कम खनिज घनत्व के बीच संबंध पाया गया है। ऑस्ट्रेलिया की फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने करीब 10 हजार महिलाओं के स्वास्थ्य पर लगभग 10 साल तक नजर रखी। अध्ययन में पाया गया कि रोजाना दो से तीन कप कॉफी पीने वाली महिलाओं में हड्डियों को लेकर कोई साफ नुकसान नहीं दिखा, लेकिन पांच कप से ज्यादा कॉफी पीने वाली महिलाओं में अस्थि खनिज घनत्व कम पाया गया। वहीं, नियमित चाय पीने वाली महिलाओं के कूल्हे की हड्डियों का घनत्व थोड़ा बेहतर देखा गया। अध्ययन के नतीजे न्यूट्रिएंट्स जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं।


ज्यादा कॉफी और हड्डियों के घनत्व के बीच दिखा संबंध

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में खास तौर पर कूल्हे और जांघ के ऊपरी हिस्से की हड्डियों के खनिज घनत्व का आकलन किया। उम्र बढ़ने के साथ इन हिस्सों की हड्डियां कमजोर होने पर फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। अध्ययन के मुताबिक, दिन में दो से तीन कप कॉफी पीने वाली महिलाओं में हड्डियों के स्वास्थ्य पर कोई स्पष्ट नकारात्मक असर नहीं मिला। इसके विपरीत, रोजाना पांच कप से ज्यादा कॉफी पीने वाली महिलाओं में अस्थि खनिज घनत्व कम पाया गया। हालांकि, यह अध्ययन कॉफी को हड्डियों के कमजोर होने का सीधा कारण साबित नहीं करता, बल्कि दोनों के बीच संबंध की ओर इशारा करता है। ऑस्टियोपोरोसिस उम्रदराज लोगों, खासकर महिलाओं के लिए बड़ी चिंता है और 50 साल से अधिक उम्र की करीब हर तीन में से एक महिला इसके जोखिम में मानी जाती है।


चाय पीने वाली महिलाओं में हड्डियों का घनत्व थोड़ा बेहतर

कॉफी के मुकाबले चाय पीने वाली महिलाओं में तस्वीर कुछ अलग नजर आई। अध्ययन में नियमित रूप से चाय पीने वाली महिलाओं के कुल कूल्हे की हड्डियों का खनिज घनत्व उन महिलाओं से थोड़ा अधिक था, जो चाय नहीं पीती थीं। अंतर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन शोध के आंकड़ों में इसे महत्वपूर्ण माना गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि चाय में मौजूद कैटेचिन जैसे प्राकृतिक यौगिक हड्डियों के स्वास्थ्य में भूमिका निभा सकते हैं। ये तत्व हड्डियों के निर्माण में मदद करने और हड्डियों के क्षरण की प्रक्रिया को धीमा करने में योगदान दे सकते हैं। हालांकि, चाय को हड्डियों की मजबूती का इलाज मानने से पहले इस संबंध को समझने के लिए और शोध की जरूरत होगी।


शराब और मोटापे के साथ भी बदला असर

अध्ययन में यह भी सामने आया कि कॉफी और कम हड्डी घनत्व के बीच संबंध सभी महिलाओं में एक जैसा नहीं था। जिन महिलाओं ने जीवनभर अधिक मात्रा में शराब का सेवन किया था, उनमें ज्यादा कॉफी पीने और कम हड्डी घनत्व के बीच संबंध अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दिया। दूसरी ओर, मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में चाय पीने और बेहतर हड्डी घनत्व के बीच सकारात्मक संबंध ज्यादा स्पष्ट नजर आया। शोधकर्ताओं के अनुसार, कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के चयापचय को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसका प्रभाव सीमित हो सकता है। कॉफी में दूध मिलाने से कैल्शियम की कुछ भरपाई भी हो सकती है। इसलिए उम्रदराज महिलाओं के लिए कॉफी की मात्रा के साथ-साथ कुल खानपान और कैल्शियम सेवन पर भी ध्यान देना जरूरी हो सकता है।

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