Holi Special: बांके बिहारी किस दिन खेलेंगे भक्तों संग गुलाल, रंगभरनी एकादशी पर होगी रंगों की शुरुआत, मथुरा प्रशासन अलर्ट

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मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में होली का उल्लास चरम पर पहुंचने वाला है।

मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में होली का उल्लास चरम पर पहुंचने वाला है। हर साल की तरह इस बार भी वृंदावन में होली का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत मोहन गोस्वामी ने बताया कि रंगभरनी एकादशी का पर्व 10 मार्च 2025 को मनाया जाएगा, और इसी दिन से ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रंगों की होली की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।

 श्रद्धालुओं के लिए विशेष पर्व 

हर साल लाखों श्रद्धालु ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन करने के लिए वृंदावन आते हैं, लेकिन इस बार 10 मार्च को रंगभरनी एकादशी होने के कारण भीड़ और अधिक बढ़ने की संभावना है। मंदिर में अभी गुलाल की होली खेली जा रही है, लेकिन रंगभरनी एकादशी से टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जाएगा।

 टेसू के फूलों से बने रंग 

 प्राकृतिक होते हैं और इन्हें तैयार करने में काफी मेहनत और भक्ति लगती है। भक्तों का मानना है कि इन रंगों से होली खेलने से ठाकुर बांके बिहारी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

 श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाइन जारी 

मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि होली के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए जारी गाइडलाइन्स का पालन करें। प्रशासन द्वारा "वन वे" व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे।

इसके अलावा, बुजुर्ग, बीमार और छोटे बच्चों को भीड़ से बचने की सलाह दी गई है। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने जूते-चप्पल निर्धारित स्थान पर ही रखें और अव्यवस्था न फैलाएं।

 भक्तों के लिए खास भोग और सेवा 

रंगभरनी एकादशी के दिन ठाकुर बांके बिहारी को विशेष भोग लगाया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कीर्तन, भजन और आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करेंगे।

देश-विदेश से आने वाले भक्तों के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। रंगों की होली का यह पावन पर्व वृंदावन में आकर ही अपने असली रूप में अनुभव किया जा सकता है। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और होली के दिव्य रंगों में सराबोर होकर ठाकुर बांके बिहारी की भक्ति में लीन हो जाएं।

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