नोएडा में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए गांजे की ऑनलाइन बिक्री का खुलासा, हॉस्टल और कॉलेजों में करते थे सप्लाई, दो आरोपी गिरफ्तार
- Shiv Kumar
- 05 Nov, 2026
नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में सेक्टर-58 थाना पुलिस ने ऑनलाइन गांजा तस्करी और बिक्री करने वाले कथित गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मनीष नाम का युवक भी शामिल है, जो दिल्ली एयरपोर्ट पर टेक्निकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अधिक रुपये कमाने के लालच में अवैध गांजा तस्करी से जुड़ा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 12 किलोग्राम अवैध गांजा, एक बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा Amazon के पैकेट में रखा गांजा भी बरामद होने की जानकारी दी गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्राहकों के संपर्क में रहते थे और ऑनलाइन ऑर्डर की आड़ में गांजे की सप्लाई करते थे। गिरोह के निशाने पर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के हॉस्टल तथा कॉलेजों में रहने वाले लोग थे। नोएडा की डीसीपी प्रीति यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर टेक्निकल इंजीनियर है गिरफ्तार आरोपी मनीष
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मनीष दिल्ली एयरपोर्ट पर टेक्निकल इंजीनियर के पद पर तैनात है। इसके बावजूद वह कथित तौर पर अवैध गांजा तस्करी के कारोबार से जुड़ गया था। पुलिस का कहना है कि अधिक कमाई करने के उद्देश्य से आरोपी ने इस गैरकानूनी गतिविधि में हिस्सा लेना शुरू किया। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनीष और उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर ऑनलाइन माध्यम से गांजे की बिक्री और सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य सामान भी बरामद किया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में दूसरे आरोपी के नाम और दोनों की गिरफ्तारी के स्थान का उल्लेख नहीं किया गया है।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करने का दावा
डीसीपी प्रीति यादव के मुताबिक, आरोपी गांजे की बिक्री के लिए ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस का दावा है कि वे व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को जोड़ते थे और उनसे संपर्क बनाकर अवैध गांजे की सप्लाई करते थे। इस काम में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी Amazon के नाम वाले पैकेट का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ऐसे पैकेट में रखा गांजा बरामद किया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि किसी वास्तविक ई-कॉमर्स ऑर्डर या कंपनी की डिलीवरी सेवा का इस्तेमाल हुआ था या केवल कंपनी की पैकिंग का सहारा लिया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन उपकरणों से ऑनलाइन संपर्क और कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी जानकारी मिलने की संभावना है।
नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के हॉस्टल और कॉलेजों में सप्लाई का आरोप
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के हॉस्टल तथा कॉलेजों से जुड़े लोगों को गांजे की सप्लाई करते थे। इसके लिए वे ऑनलाइन माध्यम से ग्राहकों के संपर्क में रहते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अवैध गांजे की बिक्री के लिए ऐसा नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया जाता था। इस खुलासे के बाद पुलिस की कार्रवाई में 12 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। हालांकि, किन-किन हॉस्टल या कॉलेजों में गांजे की सप्लाई की गई और कितने लोग इस नेटवर्क से जुड़े थे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
12 किलो गांजा, बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद
सेक्टर-58 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान कुल 12 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई एक बाइक और दो मोबाइल फोन भी पुलिस के कब्जे में आए हैं। बरामद सामान में Amazon के नाम वाले पैकेट में रखा गांजा भी शामिल है। डीसीपी प्रीति यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ऑनलाइन माध्यम से गांजे की तस्करी और बिक्री कर रहे थे। इस मामले में दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्यरत बताए जा रहे टेक्निकल इंजीनियर की गिरफ्तारी विशेष रूप से चर्चा में है। पुलिस की कार्रवाई से ऑनलाइन माध्यम से संचालित कथित गांजा सप्लाई नेटवर्क का मामला सामने आया है।
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