ग्रेटर नोएडा ट्रेड शो में कन्नौज की पहचान का प्रदर्शन, इत्र, कलावती गट्टा और कृषि तकनीक के स्टॉल रहे आकर्षण का केंद्र

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ग्रेटर नोएडा के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आगरा की पारंपरिक हस्तकला और कन्नौज के इत्र समेत स्थानीय उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हैं। हाथ से तैयार तांबे के उत्पाद और ज्वेल कारपेट के साथ कन्नौज के पारंपरिक उत्पादों को भी खरीदारों के सामने पेश किया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में प्रदेश की औद्योगिक ताकत के साथ पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पाद भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। 25 से 29 सितंबर तक चल रहे इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इनमें आगरा की पारंपरिक हस्तकला और कन्नौज का प्रसिद्ध इत्र व स्थानीय उत्पाद खास आकर्षण बने हुए हैं। आयोजन में हस्तशिल्प, हथकरघा और वस्त्रों को भी प्रमुख क्षेत्र के तौर पर शामिल किया गया है। ऐसे में यह मंच स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पाद बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर दे रहा है।


आगरा के ताज हैंडीक्राफ्ट में दिखी महीनों की मेहनत

ट्रेड शो में आगरा के ताज हैंडीक्राफ्ट का स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां हाथ से तैयार किए गए कई हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। ताज हैंडीक्राफ्ट से जुड़े रेहान अहमद के मुताबिक, उनके परिवार में यह कला पीढ़ियों से चली आ रही है। पारंपरिक तकनीक से तैयार होने वाले एक खास उत्पाद पर आमतौर पर दो कारीगर लगातार काम करते हैं। डिजाइन और काम की बारीकी के हिसाब से एक पीस तैयार होने में करीब एक से डेढ़ महीने तक लग सकता है। इस हस्तकला में नक्शी, टपका और कोरा जैसी तकनीकों और सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रेड शो में प्रदर्शित खास उत्पाद तांबे से तैयार किया गया है, जिस पर बाद में सोने का पानी चढ़ाया जाता है।


ज्वेल कारपेट की बारीक कारीगरी भी बनी आकर्षण

आगरा के स्टॉल पर ज्वेल कारपेट भी प्रदर्शित किया गया है। नाम के मुताबिक यह सामान्य कारपेट से अलग डिजाइन और बारीक कारीगरी वाला उत्पाद है। रेहान अहमद ने बताया कि इसका इस्तेमाल दो कारपेट को आपस में जोड़ने के लिए किया जाता है। एक मीटर का पीस तैयार करने में भी दो कारीगरों को लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है। इस दौरान डिजाइन की बारीकी के साथ उसकी फिनिशिंग पर भी खास ध्यान दिया जाता है। हाथ से तैयार होने के कारण हर उत्पाद में कारीगर की मेहनत और उसकी अलग पहचान दिखाई देती है। रेहान के मुताबिक, ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगरा की कला को प्रदर्शित करने से कारीगरों को नए खरीदारों और बाजारों तक पहुंच बनाने का मौका मिल सकता है।


कन्नौज के इत्र और स्थानीय उत्पाद भी चर्चा में

ट्रेड शो में कन्नौज के पारंपरिक उत्पादों को भी जगह मिली है। कन्नौज का प्रसिद्ध इत्र, कलावती गट्टा और कृषि तकनीक से जुड़ा इंडो-इजरायल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स लोगों का ध्यान खींच रहा है। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कन्नौज के स्टॉलों का भ्रमण कर स्थानीय उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक उद्योग, स्थानीय स्वाद और आधुनिक कृषि तकनीक को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलना कन्नौज के लिए गर्व की बात है। ट्रेड शो में स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने पेश किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भी उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, उद्यमियों और कारीगरों को बड़े बाजारों से जोड़ना है।


स्थानीय हुनर को बड़े बाजार से जोड़ने का मंच

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार उद्योगों के साथ हस्तशिल्प, हथकरघा, वस्त्र, कृषि, खाद्य उत्पाद और अन्य स्थानीय क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है और देश-विदेश से खरीदारों की भागीदारी हो रही है। ऐसे में आगरा की हस्तकला और कन्नौज के पारंपरिक उत्पादों की मौजूदगी यह दिखाती है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पुराने हुनर और स्थानीय उद्यमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए ऐसे मंच नए खरीदारों तक पहुंच और बाजार विस्तार का अवसर दे सकते हैं।

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